BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE 7

Published on 10 Mar 2013 ALL INDIA BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE HELD AT Dr.B. R. AMBEDKAR BHAVAN,DADAR,MUMBAI ON 2ND AND 3RD MARCH 2013. Mr.PALASH BISWAS (JOURNALIST -KOLKATA) DELIVERING HER SPEECH. http://www.youtube.com/watch?v=oLL-n6MrcoM http://youtu.be/oLL-n6MrcoM

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Monday, February 22, 2016

Rajiv Nayan Bahuguna Bahuguna 17 hrs · छूटे हुए बच्चों की पोलियो खुराक घर आये स्वास्थ्य कार्यकर्ता से पिलवाएं " यह स्वास्थ्य विभाग का मेसेज है । हाल की घटनाओं से पुष्टि हुयी है कि भक्त जन बौद्धिक रूप से अभी शैशव अवस्था में हैं । अतः उन्हें भी पोलियो की खुराक पिलायें । उन्हें इतिहास , गणित एवं भौतिक विज्ञानं की बेसिक जानकारी दें । यही उनकी पोलियो खुराक है । इससे उनकी विकलांगता दूर होगी ।


छूटे हुए बच्चों की पोलियो खुराक घर आये स्वास्थ्य कार्यकर्ता से पिलवाएं "
यह स्वास्थ्य विभाग का मेसेज है । हाल की घटनाओं से पुष्टि हुयी है कि भक्त जन बौद्धिक रूप से अभी शैशव अवस्था में हैं । अतः उन्हें भी पोलियो की खुराक पिलायें । उन्हें इतिहास , गणित एवं भौतिक विज्ञानं की बेसिक जानकारी दें । यही उनकी पोलियो खुराक है । इससे उनकी विकलांगता दूर होगी ।


मैं भी जोशो ख़रोश के साथ पाकिस्तान ज़िंदाबाद बोलता हूँ , और तहे दिल से चाहता हूँ , कि वह ज़िंदा रहे । क्योंकि अपने पड़ोस में मुर्दे की सड़ांध और गिद्धों का मण्डराव मेरे लिए भी दुःस्वप्न है । विनोबा भावे ने जय हिन्द का एडवांस वर्ज़न " जय जगत " का उद्घोष किया था । सिर्फ गोडसे और बाल ठाकरे नहीं , अपितु विनोबा भी मराठी थे ।सारे विश्व की जय हो , और मेरे देश की निसन्देह ।


तुम्हीं थे सही अर्थो में जगद्गुरु
तुम्हारी कठौती ज्ञान , कर्म और भक्ति की गंगोत्री
रांपी करती थी चमड़े के साथ साथ रूढ़ि और अज्ञान का सलीके से कर्तन
धागे को लेकर चर्म पट में घुसता था सूआ
साथ के साथ भक्ति के एकाधिकार को बींधता
ओ प्रभु जी के सच्चे दास
कौन होगा तुमसे बढ़ कर स्वामी
नमन गुरु रैदास



सेवा में श्रीमान
कबीला पति , दण्ड पाणि , लठ धर
हरियाणा
नम्र निवेदन यह है कि जो पानी आपने दिल्ली जाने वाला , अपने यहां रोक दिया है , वह आप महाबली ने नहीं पैदा किया है । बल्कि वह जहां से पैदा होकर आप तक पंहुचता है , मैं वहीं उत्तराखण्ड हिमालय से आपके सम्मुख यह अरदास कर रहा हूँ । यह पानी आप तक पंहुचना 10 20 साल पेश्तर ही बन्द हो गया होता , अगर हम इसे बचाने का उपक्रम न करते । मुझे दिल्ली जाना है , लेकिन इसी डर से नहीं जा पा रहा कि वहां पानी मिलेगा या नहीं । आप अपने गाय , भैंस , जिंस या तरकारी दिल्ली जाने से रोको , पर पानी मत रोको ।



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