BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE 7

Published on 10 Mar 2013 ALL INDIA BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE HELD AT Dr.B. R. AMBEDKAR BHAVAN,DADAR,MUMBAI ON 2ND AND 3RD MARCH 2013. Mr.PALASH BISWAS (JOURNALIST -KOLKATA) DELIVERING HER SPEECH. http://www.youtube.com/watch?v=oLL-n6MrcoM http://youtu.be/oLL-n6MrcoM

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Saturday, April 6, 2013

Fwd: [Buddhist Friends] We are became IAS, IPS, IRS, Doctor, Engineer....



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From: Kavita Tayade <notification+kr4marbae4mn@facebookmail.com>
Date: 2013/4/6
Subject: [Buddhist Friends] We are became IAS, IPS, IRS, Doctor, Engineer....
To: Buddhist Friends <buddhistfriends@groups.facebook.com>


We are became IAS, IPS, IRS, Doctor, Engineer....
Kavita Tayade 3:27pm Apr 6
We are became IAS, IPS, IRS, Doctor, Engineer. Advocate, Professor, as a Scheduled Caste recognition given by Constitution of India

भारत के संविधान द्वारा अनुसूचित जाति मान्यता के रूप में हम आईएएस, आईपीएस, आईआरएस, डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, प्रोफेसर, बन रहे हैं

और हमारा स्वयं को दलित कहना
यह भारत के संविधान से बेईमानी नहीं है ?

स्वयं से और अधिग्रहण पद से बेईमानी नहीं है ?

What recognition has given by Babasaheb through Constitution
of India to us ? Dalit or Scheduled Caste ?

क्या पहचान डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने भारत का संविधान के माध्यम
से हमें दि है ? दलित या अनुसूचित जाति ?

डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकरजी ने लाखों लोगों के साथ धर्म - परिवर्तन कर के हमें नरक से बाहर लाया है. धर्मान्तर कर के क्या पहचान दि है ? दलित या बौद्ध ?

डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने हमें कभी भी दलित नहीं कहा हैं.

हम लोग एक अनुसूचित जाति के रूप में संवैधानिक अधिकारों का लाभ ले रहे हैं और हमारा स्वयं को दलित कहना,

यह भारत के संविधान के विरुद्ध नहीं है ?

यह डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकरजी से बेईमानी नहीं है ?

हम अनुसूचित जाति लोग जो हिन्दू धर्म त्याग कर हिन्दू धर्म से बौद्ध धम्म में धर्मान्तरित हुए है और बौद्ध धम्म का स्वीकार किया हैं और हमारा स्वयं को दलित कहना,

यह बौद्ध धम्म के विरुद्ध नहीं है ?

डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकरजी ने लाखों लोगों के साथ धर्म - परिवर्तन कर के हमें नरक से बाहर लाया है.
यह डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकरजी से बेईमानी नहीं है ?

करोड़ अनुसूचित जाति लोग (चातुरवर्ण व्यवस्था के अनुसार बहिष्कृत लोग) जो हिन्दू धर्म त्याग कर हिन्दू धर्म से बौद्ध धम्म में धर्मान्तरित हुए है वह बौद्ध (Buddhist) हैं दलित नहीं हैं.

वह बौद्ध हैं दलित नहीं हैं.

करोड़ अनुसूचित जाति लोग (चातुरवर्ण व्यवस्था के अनुसार बहिष्कृत लोग) जो हिन्दू धर्म त्याग कर हिन्दू धर्म से बौद्ध धम्म में धर्मान्तरित नहीं हुए है वह अनुसूचित जाति हैं दलित नहीं हैं.

वह अनुसूचित जाति हैं दलित नहीं हैं.

धर्मान्तर से पहले हम अनुसूचित जाति हैं और धर्मान्तर के बाद हम बौद्ध हैं.

डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने हमें कभी भी दलित नहीं कहा हैं.

दलित शब्द हमारे लिए स्वीकार्य नहीं है

हम दलित नहीं हैं.

Before Conversion we are Scheduled Caste and After Conversion we are Buddhist.
धर्मान्तर से पहले हम अनुसूचित जाति हैं और धर्मान्तर के बाद हम बौद्ध हैं.

हम सामाजिक गुलामी में पैदा हुए है, यह हमारी गलती नहीं है, लेकिन हमारी सामाजिक गुलामी में मृत्यु हो गई तो यह केवल हमारी गलती होगी .

हमारा संघर्ष केवल सत्ता और संपत्ति के लिए नहीं है , बल्कि सामाजिक स्वतंत्रता और आत्म सम्मान के लिए है. डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर

विचार परिवर्तन ही हर परिवर्तन का मूल है . डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर

Jai Bhim, Jai Buddha, Jai Bharat Jai Manavata Dhamm Buddha Dhamm.

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