BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE 7

Published on 10 Mar 2013 ALL INDIA BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE HELD AT Dr.B. R. AMBEDKAR BHAVAN,DADAR,MUMBAI ON 2ND AND 3RD MARCH 2013. Mr.PALASH BISWAS (JOURNALIST -KOLKATA) DELIVERING HER SPEECH. http://www.youtube.com/watch?v=oLL-n6MrcoM http://youtu.be/oLL-n6MrcoM

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Sunday, June 16, 2013

भाजपा-जदयू मे हुआ तलाक़

Sunday, 16 June 2013 16:57

पटना । जदयू ने बिहार में भाजपा के साथ गठबंधन को समाप्त कर दिया और इस तरह राष्ट्रीय राजनीति में 17 साल पुराने मजबूत गठजोड़ में दरार पड़ गयी।

अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा नीत राजग को झटका देते हुए जदयू ने नरेंद्र मोदी को भाजपा की चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बनाये जाने के खिलाफ बिहार में भाजपा के साथ गठबंधन को समाप्त कर दिया और इस तरह राष्ट्रीय राजनीति में 17 साल पुराने मजबूत गठजोड़ में दरार पड़ गयी।
बिहार में आठ साल पुरानी गठबंधन सरकार की अगुवाई कर रही जदयू ने राज्य मंत्रिमंडल से भाजपा के 11 मंत्रियों को हटा दिया और नयी परिस्थिति में 19 जून को विश्वास मत के लिए प्रस्ताव रखने का फैसला किया।
आज का घटनाक्रम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन :राजग: के लिए बड़े झटके वाली बात है जिसमें अब केवल तीन घटक दल- भाजपा, शिवसेना और अकाली दल रह गये हैं।
जदयू अध्यक्ष शरद यादव और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में गठबंधन तोड़ने की घोषणा की। इससे एक सप्ताह पहले ही मोदी को भाजपा की चुनाव अभियान समिति की कमान सौंपी गयी थी जिसे उन्हें प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने की दिशा में ही एक कदम माना जा रहा है। शरद यादव ने राजग के संयोजक का पद भी छोड़ दिया।

नीतीश ने आधे घंटे के संवाददाता सम्मेलन में एक भी बार मोदी का नाम नहीं लिया लेकिन परोक्ष रूप से उन पर कई बार निशाना साधते हुए कहा, ''भाजपा नये दौर से गुजर रही है। जब तक बिहार में गठबंधन पर कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं था, यह सहजता से चलता रहा। दिक्कतें उस समय शुरू हुईं जब बाहरी हस्तक्षेप होने लगा।''

गोवा में भाजपा की कार्यकारिणी की बैठक में मोदी को चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बनाये जाने के एक सप्ताह बाद जदयू ने अपने फैसले की घोषणा की जबकि पार्टी ने कुछ ही समय पहले अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भाजपा से दिसंबर तक अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार तय करने के लिए कहा था।
जदयू और नीतीश कुमार पिछले काफी समय से अनेक मौकों पर सीधे तौर पर मोदी पर अपना विरोध जाहिर करते रहे हैं। नीतीश ने तीन साल पहले मोदी की मौजूदगी के कारण लालकृष्ण आडवाणी समेत भाजपा के आला नेताओं के साथ रात्रिभोज में भाग नहीं लिया था।
जब नीतीश कुमार से पूछा गया कि क्या वह नरेंद्र मोदी का जिक्र कर रहे हंै तो उन्होंने कहा, ''समझने वाले समझ गये जो ना समझे वो अनाड़ी हैं।''
भाजपा में मोदी को नयी जिम्मेदारी मिलने का परोक्ष रूप से उल्लेख करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अतीत में अरूण जेटली और दिवंगत नेता प्रमोद महाजन को अभियान समिति का प्रमुख बनाया गया था तो कोई दिक्कत नहीं थी।
मोदी का नाम पेश किये जाने पर अपनी और अपनी पार्टी की गंभीर आपत्तियों को जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, ''सब जानते हैं कि हमारी बुनियादी चिंता क्या है।'' 

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