| Sunday, 26 February 2012 15:58 |
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने पिछले साल 23 सितंबर को मनरेगा में मजदूरी के निर्धारण को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि दरें इस तरह से निर्धारित हों कि वे राज्य सरकारों की ओर से अपने क्षेत्रों में कृषि मजदूरों के लिए निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम नहीं हों। केन्द्र ने आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय से इसी तरह के फैसले की अपेक्षा करते हुए एक विशेष अनुमति याचिका :एसएलपी: के माध्यम से इस फैसले को उच्चतम न्यायलय में चुनौती देने का फैसला किया।
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Tri-Iblisi Shoshan Vyuh Vidhvans Part 1
12 years ago
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