dalitrefugees
Thursday, September 21, 2017
रवींद्र का दलित विमर्श-31 बांग्लादेश में रवींद्र और शरत को पाठ्यक्रम से बाहर निकालने के इस्लामी राष्ट्रवाद खिलाफ आंदोलन तेज हमारे यहां शिक्षा और इतिहास के हिंदुत्वकरण के खिलाफ सन्नाटा कट्टरपंथ के खिलाफ आसान नहीं होती लड़ाई। श्वेत आंतकवाद के युद्धस्थल वधस्थल बन गये भारत,पाकिस्तान और बांग्लादेश, हालांकि रंग श्वेत दीखता नहीं है पलाश विश्वास
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रवींद्र का दलित विमर्श-31 बांग्लादेश में रवींद्र और शरत को पाठ्यक्रम से बाहर निकालने के इस्लामी राष्ट्रवाद खिलाफ आंदोलन तेज हमारे यहां शिक्ष...
Wednesday, September 20, 2017
रवींद्र का दलित विमर्श-30 गंगा और नर्मदा की मुक्तधारा को अवरुद्ध करने वाली दैवीसत्ता का फासिज्म आदिवासियों और किसानों के खिलाफ सामाजिक विषमता के खिलाफ मनुस्मृतिविरोधी लड़ाई को खत्म करना ही हिंदुत्ववादियों के हिंदू राष्ट्र का एजंडा मुक्तधारा के लिए जल सत्याग्रह इसीलिए जारी रहेगा। पलाश विश्वास
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रवींद्र का दलित विमर्श-30 गंगा और नर्मदा की मुक्तधारा को अवरुद्ध करने वाली दैवीसत्ता का फासिज्म आदिवासियों और किसानों के खिलाफ सामाजिक विषमत...
Tuesday, September 19, 2017
रवींद्र का दलित विमर्श-29 हिंदू राष्ट्र सिर्फ संघ परिवार का कार्यक्रम नहीं है। मनुस्मृति विधान बहाली की सत्ता वर्ग और वर्ण की सारी ताकतें ईस्ट इंडिया कंपनी के राज के समय से सक्रिय हैं। चैतन्य महाप्रभू के वैष्णव आंदोलन से लेकर ब्रहम समाज आंदोलन,नवजागरण और सूफी संत आंदोलन के खिलाफ हिंदुत्व का पुनरूत्थान एक अटूट सिलसिला है।फर्क इतना है कि तब एकमात्र ईस्ट इंडिया कंपनी का राज था और अ�
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रवींद्र का दलित विमर्श-29 हिंदू राष्ट्र सिर्फ संघ परिवार का कार्यक्रम नहीं है। मनुस्मृति विधान बहाली की सत्ता वर्ग और वर्ण की सारी ताकतें ईस...
Monday, September 18, 2017
रवींद्र का दलित विमर्श-28 अंधेर नगरी में सत्यानाश फौजदार का राजकाज! जहाँ न धर्म न बुद्धि नहिं, नीति न सुजन समाज। ते ऐसहि आपुहि नसे, जैसे चौपटराज॥ रवींद्र प्रेमचंद के बाद निशाने पर भारतेंदु? क्या वैदिकी सभ्यता का प्रतीक न होने की वजह से अशोक चक्र को भी हटा देंगे? बंगाल में महिषासुर उत्सव की धूम से नस्ली वर्चस्व के झंडेवरदारों में खलबली हिटलर की नाजी सेना और रवींद्रनाथ के ताशेर घर की अ�
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रवींद्र का दलित विमर्श-28 अंधेर नगरी में सत्यानाश फौजदार का राजकाज! जहाँ न धर्म न बुद्धि नहिं, नीति न सुजन समाज। ते ऐसहि आपुहि नस...
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