BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE 7

Published on 10 Mar 2013 ALL INDIA BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE HELD AT Dr.B. R. AMBEDKAR BHAVAN,DADAR,MUMBAI ON 2ND AND 3RD MARCH 2013. Mr.PALASH BISWAS (JOURNALIST -KOLKATA) DELIVERING HER SPEECH. http://www.youtube.com/watch?v=oLL-n6MrcoM http://youtu.be/oLL-n6MrcoM

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Tuesday, January 24, 2012

उत्तराखंड में बागी पार्टी उम्मीदवारों को दे रहे हैं कड़ी टक्कर

उत्तराखंड में बागी पार्टी उम्मीदवारों को दे रहे हैं कड़ी टक्कर

Monday, 23 January 2012 18:34

श्रीनगर :पौड़ी जिला:, 23 जनवरी (एजेंसी) उत्तराखंड में सामान्यत: भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर होती है लेकिन ज्यादा संख्या में बागियों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने दोनों बड़ी पार्टियों का समीकरण गड़बड़ कर दिया है । 
उत्तराखंड में 70 सीटों पर करीब 800 उम्मीदवार मैदान में हैं लेकिन कुछ मुख्य मुकाबलों में बागी संतुलन को गड़बड़ कर सकते हैं ।
बद्रीनाथ विधानसभा सीट पर भाजपा ने प्रेम वल्लभ भट्ट को टिकट देने का निर्णय किया है लेकिन इसके निवर्तमान विधायक केदार सिंह फोनिया को यह नागवार गुजरा और उन्होंने क्षेत्रीय पार्टी उत्तराखंड रक्षा मोर्चा के टिकट पर नामांकन दाखिल कर दिया ।
कर्णप्रयाग से भाजपा के निवर्तमान विधायक अनिल नौटियाल ने भी ऐसा ही कदम उठाया जिन्हें लोग पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल का करीबी मानते हैं ।
नौटियाल पिछले दो बार से लगातार चुनाव जीत रहे हैं और लगता है कि वह पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार हरीश पुजारी की चिंताएं बढ़ाएंगे ।
चमोली जिले के थराली विधानसभा क्षेत्र में निवर्तमान विधायक जी. एल. शाह ने भी ऐसा ही कदम उठाया । सहसपुर से भाजपा के निवर्तमान विधायक राम कुमार ने उरोला विधानसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल किया है और वह भी भाजपा के बागी विधायकों में शामिल हैं ।
उनके अलावा पूर्व विधायक कैलाश शर्मा ने भी अल्मोड़ा से पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार और निवर्तमान विधायक रघुनाथ सिंह के खिलाफ नामांकन किया है ।

भाजपा के एक कार्यकर्ता ने कहा, ''बागी कुछ नुकसान पहुंचा सकते हैं लेकिन हमारी पार्टी ने चुनाव से पहले एक सर्वेक्षण कराया जिसके मुताबिक उनके खराब प्रदर्शन के कारण ही उन्हें टिकट नहीं दिया गया ।''
कांग्रेस की चिंताएं भी कम नहीं हैं । पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी देवप्रयाग से टिकट की उम्मीद कर रहे थे लेकिन जब उन्हें टिकट नहीं मिला तो उन्होंने विद्रोह कर दिया और कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार और पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सेइवां के लिये समस्याएं खड़ी कर रहे हैं ।
पूर्व कांग्रेस विधायक हरीश दुर्गापाल ने लाल कुआं विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ पर्चा भरा है ।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत का सिर्फ भाजपा के मतबार सिंह कंदारी से ही मुकाबला नहीं है बल्कि उन्हें पार्टी के दो बागी उम्मीदवारों की चुनौती का भी सामना करना है ।
भरत चौधरी और वीरेन्द्र सिंह बिष्ट को कांग्रेस से जुड़ा हुआ माना जाता है लेकिन अब वे पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार को ही चुनौती दे रहे हैं ।
कांग्रेस उम्मीदवारों को ऋषिकेश, हरिद्वार :ग्रामीण:, रानीपुर और सहसपुर में भी बागियों की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है ।

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